Noida Sanitation System: स्मार्ट सिटी के तौर पर अपनी पहचान बना रहे नोएडा की सड़कों पर इन दिनों सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के कई हिस्सों में सड़क किनारे जमा कूड़े के ढेर व्यवस्था की हकीकत बयां कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जिन इलाकों में नियमित सफाई और कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी तय है, वहां भी गंदगी नजर आ रही है। हालात ने बढ़ाई चिंता वर्क सर्किल-6 से लेकर 10 तक कई स्थानों पर सड़क किनारे कूड़ा पड़ा दिखाई दे रहा है। लंबे समय तक कूड़ा नहीं उठने के कारण आसपास गंदगी फैल रही है। इन कूड़े के ढेरों के आसपास आवारा पशुओं का जमावड़ा भी देखा जा रहा है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए परेशानी बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा स्थानीय लोग अब इस समस्या को सोशल मीडिया के जरिए सामने ला रहे हैं। लोगों की ओर से गंदगी की तस्वीरें साझा कर सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब शहर को बेहतर और आधुनिक बनाने की योजनाओं पर जोर दिया जा रहा है, तो बुनियादी सफाई व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों नजर आ रही है? कंपनियों से लेकर निगरानी तंत्र तक सवाल सफाई का काम संभालने वाली एजेंसियों और कंपनियों की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। इसके साथ ही सफाई कार्य की निगरानी करने वाले अधिकारियों की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का सवाल है कि अगर नियमित निरीक्षण हो रहा है, तो सड़क किनारे जमा कूड़ा समय पर क्यों नहीं हट रहा? कूड़े के साथ बढ़ रहा हादसों का खतरा सड़कों के किनारे जमा कचरे और उसके आसपास घूमते आवारा पशुओं से यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटना की आशंका भी बढ़ रही है। ऐसे में सफाई का मुद्दा केवल शहर की खूबसूरती तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि सड़क सुरक्षा और नागरिक सुविधा से भी जुड़ जाता है। ये भी पढ़ें: नोएडा अथॉरिटी बोर्ड बैठक में कई बड़े फैसले, किसानों का मुआवजा बढ़ाने से लेकर वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट तक प्रस्तावों को मंजूरी